लखनऊ में बारिश बनी बिजली संकट की वजह: 15 हजार से ज्यादा लोग परेशान, कई इलाकों में खंभों में उतरा करंट

लखनऊ में बारिश बनी बिजली संकट की वजह: 15 हजार से ज्यादा लोग परेशान, कई इलाकों में खंभों में उतरा करंट

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Rain causes power crisis in Lucknow

लखनऊ। Rain causes power crisis in Lucknow, बारिश के कारण राजधानी लखनऊ के कई क्षेत्रों में बिजली संकट उत्पन्न हो गया। जानकीपुरम और अमीनाबाद में खंभों में करंट उतर आया, जिससे उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। गोमती नगर सेक्टर चार के बिजली उपकेंद्र में रिंग मेन यूनिट और पैनलों में नमी आने के कारण शुक्रवार सुबह पांच बजे बिजली चली गई।

दिनभर प्रयासों के बाद, कुछ अपार्टमेंट में बिजली दोपहर ढाई बजे आई, जबकि अन्य क्षेत्रों में शाम साढ़े छह बजे बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी। इस संकट के कारण पंद्रह हजार से अधिक लोग पानी और बिजली के लिए तरस गए। सुबह बिजली न आने से दैनिक कार्यों में भी बाधा आई।

अधिशासी अभियंता धीरज यादव ने बताया कि सूचना मिलते ही टीमें सुबह छह बजे से काम में जुट गई थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से बिजली शाम तक बहाल हो सकी। बिजली न आने से मकदूमपुर, सेक्टर चार स्थित अलखनंदा, कावेरी, शिप्रा, राप्ती, गंगा, जमुना, सरस्वती, सरयू, बेतवा सहित कई अपार्टमेंट प्रभावित हुए। पूर्व प्रधान देवेश यादव ने उपकेंद्र में वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। भाजपा नेता गीता सिंह ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर नमी को सूखाने वाले उच्च श्रेणी के उपकरण लगाने की मांग की है।

जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर छह में केन्द्रीय विहार के स्ट्रीट पोल में करंट उतरने से एक गाय की मौत हो गई। अमीनाबाद के अमानी गंज चौराहे पर करंट आने से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। उपभोक्ताओं की सूचना पर सुबह सवा नौ बजे बिजली बंद कर दी गई और सुबह 11 बजे सामान्य हो सकी। यहां रात दो बजे ट्रांसफार्मर में आग लगने से कच्चा हाता, इंद्रा मार्केट, चिकमंडी में बिजली संकट उत्पन्न हुआ।

अमीनाबाद में केबल जलने से लाटूश रोड, कैसरबाग सब्जी मंडी, मछली मंडी, धोबी वाली गली में सुबह नौ बजे से साढ़े दस बजे तक बिजली संकट रहा। गोमती नगर के विराज खंड की 220 केवी गोमती नगर से निकलने वाली 33 केवी भूमिगत लाइन में ब्रेकडाउन आया, जिससे दूसरे स्त्रोत से बिजली चालू की गई।

पुराने लखनऊ के अकबरी गेट के पास खंभे में आग लगने से बिजली आपूर्ति बंद की गई, जो ढाई घंटे बाद बहाल हुई। शमीम कंट्रोल के पास भी एक खंभा बारिश में गिर गया, जिसे तीन घंटे बाद ठीक किया गया।